Posts

Showing posts from 2019

पशुओं में टीकाकरण (Vaccination in animals)

Image
पशुओं में टीकाकरण    ( Vaccination in animals)

स्वस्थ दुग्ध उत्पादन (Healthy milk production)

स्वस्थ दुग्ध उत्पादन (  Healthy milk production) साधारणतया यह देखा गया है कि दूहारी करते वक्त तथा दूध का एक स्थान से दूसरे स्थान तक परिवहन करते समय दूध अस्वच्छ हो जाता है। दूध में मिट्टी के कण, बाल, चारे का कचरा, दाना, जीवाणु इत्यादि मिल जाते है जिससे दूध अस्वच्छ हो जाता है और दूध गर्म करने पर फट जाता है, जिससे किसान भाइयों को आर्थिक हानि का सामना करना पड़ता है। इसलिए यह परम आवश्यक है कि अन्य खाने की वस्तुओं की भांति दूध को भी स्वच्छ एवं बीमारियों के जीवाणुओं से रहित रखा जाए। स्वच्छ दूध उत्पादन के लिए अगर किसान भाई निम्न बातों पर ध्यान देवे तो स्वच्छ दूध का उत्पादन कर आर्थिक हानि से बच सकता है। 1.पशु का स्वास्थ्य एवं सफाई : स्वच्छ दूध उत्पादन के लिए दूधारू पशु स्वस्थ होना चाहिए।   पशु किसी भी बीमारी से ग्रसित नहीं होना चाहिए। दुधारू पशु को निश्चित अवधि के पश्चात् पशु चिकित्सक को अवश्य दिखाना चाहिए। दुग्धशाला में ले जाने से पहले पशु के शरीर की सफाई कर लेनी चाहिए।  विशेषकर पशु के शरीर का पिछला व निचला भाग। 2.दूध दूहने वाले मनुष्य का स्वास्थ्य एवं स...

रैली का आयोजन एवं महत्त्व (Organizing and Importance of Rally)

रैली का आयोजन एवं महत्त्व   ( Organizing and Importance of Rally) परिभाषा रैली एक शिक्षापद गतिविधि है, जिसमें किसी विषय पर लोगो को जागरूक करके उसे अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है। एक सफल रैली के लिए सभी लोगों की भागीदारी उत्यन्त आवश्यक है। उदाहरण  सम्पूर्ण साक्षरता मिशन, सड़क सुरक्षा, पॉलिसी सप्ताह, एड्स रैली, प्यावरण सुरक्षा रैली। महत्व यह एक शिक्षापद गतिविधि है। इसमें अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी होती है। यह जन समूह सम्पर्क विधि है, इसलिए हम रैली के द्वारा कम समय में अधिक लोगों को जागरूक कर सकते है। रैली के द्वारा समय व धन दोनों की बचत होती है।

पशु फार्म में रखे जाने वाले रिकार्ड ( Records kept in animal farms)

पशु फार्म में रखे जाने वाले रिकार्ड  (Records kept in animal farms) Record Keeping में बहुत आवश्यक एवं उपयोगी Record keeping animal farm की गतिविधिया है बिना Record के हम पशु फार्म (Animal farm) में होने वाली लाभ-हानि की स्थिति का पता नही लगा सकते। Record Keeping के लाभ :- रिकार्ड किपिंग से सारी सुचनाएं लिखित में मिल जाती है। रिकार्ड किपिंग से प्रत्येक पशु का उत्पादन स्तर मालुम कर सकते है। रिकार्ड किपिंग से आकस्मिक निरक्षण पर सबुत दिखा सकते हैं। रिकार्ड किपिंग से पशु शाला की लाभ- हानि का ज्ञान हो जाता है। इससे नये पशु के संश्लेशण व कम उत्पादन वाले पशु की निलामी करने में सहायत मिलती हैं। Animal Farm में रखे जाने वाले रिकार्ड :- Milk Record A.I. Record Health Register Bull Register Vaccination Register Staff attendance Register Loss Register

प्रदर्शन एवं विक्रय हेतु पशओ को तैयार करना ( Preparing clothes for display and sale)

प्रदर्शन एवं विक्रय हेतु पशओ को तैयार करना  (Preparing clothes for display and sale) किसी भी पशु के गुणों का प्रचार करने हेतु उसे मैलों में प्रर्दशन करना सबसे सुगम व आसान तरीका है लेकिन प्रदर्शन हेतु पशु को तैयार करना एक कला है। प्रदर्शन हेतु तैयार करने के लाभ व कारण Animal show तथा Fairs में अच्छी नस्ल के पशु प्रदर्शित कर पुरस्कार प्राप्त करना। नये पशु पालक को पूर्ल से स्थापित प्रजनन की तरफ आकर्षित करना। अच्छे प्रजननकों को आपस में विचार - विमर्श कर अपने अनुभवों व नये आयामों को समझने का स्थान उपलब्ध करवाना। अच्छे आनुवांशिकी गुणों को प्रदर्शित करने तथा ख्याति प्राप्त करने हेतु । अपने आप को गोरान्वित (Pride) महसूस करना। नई-नई प्रबन्धन तकनीक की जानकारी प्राप्त करने का अवसर प्रदान करना। पशु प्रजननको को उन्नत पशुपालन की तरफ आकर्षित करना। पशुपालक व्यवसाय को उन्नति की तरफ अंग्रेसित करना। विभिन्न पशुपालकों में स्वस्थ प्रतियोगिता की परम्परा स्थापित करना। पशुपालकों को अधिक से अधिक कीमत दिलाने का स्थान उपलब्ध करवाना। पशुपालकों को स्वयम् द्वारा पाली जा रही नस्ल अथवा अन्य न...

सांड रजिस्ट्रेशन (Bull registration)

सांड रजिस्ट्रेशन   ( Bull registration) सांड किसी भी हर्ड का पचास प्रतिशत होता है यह एक प्रजनन (Breeding) का सिद्धान्त है। जिस हर्ड (फार्म) पर गाँव मे उन्नत किस्म का सांड होता है उस क्षेत्र में निश्चित रूप से अच्छी नस्ल के पशु पैदा होंगे तथा वहा का उत्पादन आवश्यक रूप से बढेंगा, इसी आशय को लेकर पशुपालन विभाग ने सांड का रजिस्ट्रेशन का कार्यक्रम लागू किया गया है। इस कार्याक्रम के अन्तर्गत सभी चिकित्सालय के प्रभारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने कार्य क्षैत्र में जिन पशुपालको के पास उन्नत नस्ल के सान्ड है उनका पंजियन करें, सांडो का चयन मुख्य रूप से व्यक्तिगत (Individual) बाह्य (Phenotype) के लक्षणो पर करे और यदि उनकी फेमेली का, प्रोजेनी का रेकार्ड हो तो उसका विशेष ध्यान रखें। इस रिकार्ड में पशु पालक का नाम, सांड का किस्म, जन्म दिवस, उम्र, परिवार/प्रोजेनी का रिकार्ड हो तो उसका इन्द्राज आदि का वर्णन लिखा जाता हे। लाभ- यदि किसी भी योजना के अन्तर्गत सांड क्रय करना हो तो सांड रजिस्ट्रेशन अभिलेख के माध्यम से आराम से क्रय किया जा सकता है तथा पशुपालक को घर बेठे पशु का अच्छ...

हर्ड रजिस्ट्रेशन (Herd registration)

हर्ड रजिस्ट्रेशन ( Herd registration) परिभाषा :- विभागिय नियमों के अनुसार जिस फार्म पर कम से कम 5 गाय / भैस अच्छी व उन्नत नस्ल के होते है नजदीक के पशु चिकित्सालय में उनका पंजीयन किया जाता है तथा उस पालक के पशुओ का लेखा-जोखा एक पंजिका में रखा जाता है, इसे हर्ड रजिस्ट्रेशन कहते है। लाभ- जब कोई व्यक्ति चिकित्सालय में आकर पुछता है कि मुझे अमुक किस्म का, इतना दूध देने वाला पशु खरीदना है तो हम तुरन्त पंजिका के माध्यम से उसको स्थान व पता बतला देते है अर्थात पशुपालक को घर बैठे ही पशु अच्छे मूल्य पर विक्रय हो जाता है। राजस्थान सरकार विभिन्न माध्यमों द्वारा बी पी. एल. परिवारों या डी.पी.आई. पी. आदि योजनाओं में मवेशी क्रय करवाते है तथा उसके लिए व्यक्ति को बैंको से ऋण व अनुदान उपलब्ध करवाती है। हर्ड रजिस्ट्रेशन उक्त योजनाओं में पशु क्रय करने में मददगार सिद्ध हुआ है। कभी-कभी विभाग भी भिन्न-भिन्न योजनाओं के अन्तर्गत उन्नत नस्ल के सांड बछडे व बछडीया क्रय करती है तो उसमें भी यह हर्ड रजिस्ट्रेशन मददगार होता है तथा पशुपालक को पशु की अच्छी कीमत मिल जाती है। हर्ड रजिस्ट्रेशन के द्वारा पशुपालक ...

दुग्ध अभिलेख ( Milk records)

दुग्ध अभिलेख   ( Milk records) परिभाषा एक दुधारू पशु, अपने ब्यात (Lactation) में कितना दुध का उत्पान किया है इसको प्रति दिन के हिसाब से संधारण करने अथवा लेखा- जोखा रखने को ही मिल्क रिकार्डिंग कहते है। दुग्ध उत्पादन पर असर डालने वाले कारक पशु की नस्ल पशु की उम्र ब्यात(No.of Lactation) पशु के शरीर का आकार पशु प्रबन्धन आवास व्यवस्था पशु का आहार पशु का रख रखाव आदि।  जैस- गर्भकाल के समय, प्रसव के  समय तथा प्रसव के बाद आदि।        6.पशु स्वास्थ्य  बछडे को मॉ से हटाना (Weaning)  समय पर टीकाकरण  अस्वस्थ होने पर तुरन्त उपचार की सुविधा आदि। पशु उन्नत नस्ल का होते हुए भी उपरोक्ति कारको का यदि ध्यान नही रखा जाता है तो पशु उस ब्यात काल (Lactation Period) में दूध कम देगा और इसका असर मिल्क रिकार्डिंग पर पडेंगा। मिल्क रेकार्डिंग के लाभ  A. पशु का प्रति ब्यात पर दुग्ध उत्पादन का पता लगंना : मिल्क रेकार्डिग करने हेतु प्रत्येक मादा पशु का प्रत्येक प्रसव के बाद प्रति ब्यात प्रतिदिन का कितना दुध देतेा है इस...

पशु चिकित्सालय में संधारण होने वाली पत्रावली ( Papers to be maintained in Veterinary Hospital)

Image
पशु चिकित्सालय में संधारण होने वाली पत्रावली (Papers to be maintained in Veterinary Hospital) किसी भी संस्था की गतिविधियो को सुचारू रूप से चलाने हेतु तथा उन पर खर्च राशि का लेखा जोखा रखने हेतु कुछ पंजिकाओ एवं फाईलो का संधारण करना आवश्यक होता है । ताकी संस्थानो में कार्यरत कर्मचारीयो के कार्य का अवलोकन / मुल्यांकन हो सके। वे सभी पजिकायें निम्न होती है :- 1.आउटडोर पंजिका/ बाह्य रोगी पंजिका (outdoor register) 2.आन्तरण रोगी पंजिका / इनडोर पंजिका (Indoor register) 3.उपस्थिति पंजिका (Attendence register) 4.पत्र आवक पंजिका (receipt letter register) 5.पत्र जावक पंजिका (Despech register) 6.कृत्रिम गर्भाधान पंजिका (Artificial Insemination register) 7.टीकारण पंजिका (Vaccination register) 8.बधियाकरण पंजिका (Castration register) 9.चारा विकास कार्यक्रम पंजिका (Fodder development register) 10.रोकड़ बही (Cash Book ) 11भण्डार पंजिका (Leave register) (अ) स्थाई भण्डार पंजिका (Dead stock\permanent stock  register) (ब) अस्थाई भण्डार पंजिका (consuble stock register) (स) स्टेशनरी भण्ड...

पशु चिकित्सा संस्था के साधारण कार्यो की जानकारी (Knowledge of common functions of Veterinary Society)

Image
पशु चिकित्सा संस्था के साधारण कार्यो की जानकारी (Knowledge of common functions of Veterinary Society) पशुपालन विभाग सतत् प्रयत्नशील है कि पशु सम्पदा का विकास इस दृष्टि से किया जाये कि, पशुपालक, कृषक तथा पिछड़े वर्ग के परिवारो को रोजगार के उत्तम साधन उपलब्ध हो और उनका उत्पादन बढ़े, ताकि पशुपालक आर्थिक दृष्टि से आत्म निर्भर बन सके, अपना जीवन स्तर सुधार सके, ग्रामीणों का शहरों की तरफ पालयन रूक सके। यह सब तभी संभव है जब पशुपालक का पशुधन सुराक्षत हो, उसके पशुओ के बीमार हो जाने पर चिकित्सा की सम्पुर्ण सुविधा नजदीक से नजदीक अथवा घर पर ही विभाग द्वारा उपलब्ध करवाई जाये और इसके लिए राजस्थान सरकार पशुपालन विभाग के माध्यम से निम्न सुविधा उपलब्ध करवा रही है- पशुओं की चिकित्सा सेवाएं। पशुओं में उन्नत नस्ल के फोजन सीमन द्वारा कृत्रिम गर्भाधन सेवाए। पशुओं को संक्ामक रोगों की मुक्त्त के समय-समय पर टीकाकरण। नाकारा नर पशुओं का बंधियाकरण। संतुलित पशु आहार की जानकारी तथा हरे चारे की उपयोगिता की जानकारी एवं विभाग द्वारा चारा विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत हरे चारे के बीज उपलब्ध करवाना आदि। पश...

श्रव्य-दृश्य साधन ( Audio-visual aids)

Image
श्रव्य-दृश्य साधन  Audio-visual aids श्रव्य दृश्य सहायक साधनो का महत्व :- शिक्षार्थीयो का ध्यान आकर्षित करना ताकि उनमें सिखने कि रूची उत्पन्न करना है। विषय के मुख्य बिन्दुओ को स्पष्ट करने के लिये। भाषा सम्बन्धीत परेशानी को दुर करने मे सहायक होती है। सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावशाली ढंग से नियोजित करती है। किसी सन्देश को चित्र या दृश्य की सहायता से प्रस्तुत किया जाये तो उसमें निहीत विचारो की तुलना, विषरण, फैलाव स्पष्ट हो जाता है भाषा की सहायता एवं दृश्य से अवगम तथ्यात्मक होती है। इनसे विचार स्पष्ट ओर सरल होकर समझ में आते है। शिक्षक को अपना विषय क्रमबद्ध संगठित करने में सहायता देती है। सीखने की प्रक्रिया को बढ़ाते है। दृश्य सहायक माध्यम की सहायता से सन्देश को कम समय में एक साथ अनेक लोगों तक पहुचा सकते है। इससे शिक्षक तथा शिक्षार्थी का समय बचता है। A.श्रव्य सामग्री- श्रव्य सामग्री वह शिक्षण साधन है जिससे संदेश केवल सुन सकते है और देख नहीं सकते। 1.टेप रिकार्डर - यह एक श्रव्य यंत्र है। ध्वनि का आलेखन डिस्क पर यांत्रिक विधि से, टेप व तार पर आलेखन चुम्ब...

पशु मेले (Cattle fair)

Image
पशु मेले  ( Cattle fair) पशु मेला आयोजन के उद्देश्य पशुपालकों को अपने पशुओं के क्रय - विक्रय हेतु बेहतर पशु विपणन सुविधा उपलब्ध करवाना। पशुधन को अधिक समृद्ध एवं उन्नतिशील बनाने की ओर पशुपालकों को ध्यान आकृष्ट करना। पशुपालन व्यवसाय को बेहतर बनाने हेतु पशु मेलों के माध्यम से विमागीय नवीनतम योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करना। सरकारी एवं गैर सरकारी स्तर पर विभिन्न संस्थाओं द्वारा प्रदर्शनी का आयोजन कर नवीनतम वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध करवाना। पशु प्रतियोगिताओं के आयोजन द्वारा पशुपालकों को समृद्ध एवं उन्नत नस्ल के पशुओं को रखने की ओरै प्रेरित करना। मेलों की भाईचारा कायम करने की दिशा में काफी महत्वपूर्ण भूमिका है। पशु मेलों से लाभ- राज्य सरकार को अपने पशुपालन एवं वाणिज्य कर विभाग के माध्यम से आमदनी होगी। पशुपालकों को पशु बेचने में उचित मूल्य मिलता है। व्यापारी व पशुपालक बिना बिचौलियों के अपने पशु व माल का अच्छा मूल्य प्राप्त करते हैं। लोगों का मनोरंजन होता है। यातायात के साधनों के उपयोग से रेल विभाग ट्रक मालिकों तथा परिवहन विभाग को आय, होती है। पशुपालकों का प...

पशु मालिक के लिए परिपत्र ( Circular for animal owner)

पशु मालिक के लिए परिपत्र ( Circular for animal owner) यह एक सरल साधन है जिसे साधन है जिसे आमतौर पर हर जगह पर इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि यह अधिक से अधिक लोगों तक सूचना भेजन का कार्य करता है। उद्देश्य परिपत्र को लिखना व भेजना काफी सरल होता है। समय-समय पर होने वाले किसान मेले. टीकाकरण आदि के बारे में जानकारी फैलाने के लिए यह एक सुलभ माध्यम है। परिपत्र के द्वारा पशुपालकों को प्रोत्साहन भी मिलता है। ध्यान रखने योग्य बातें परिपत्र का उद्देश्य व शीर्षक स्पष्ट लिखा जाना चाहिए। परिपत्र को जारी करने की तिथि भी अवश्य लिखनी चाहिए। विभाग का नाम व स्थान भी स्पष्ट लिखा होना चाहिए। दी जाने वाली जानकारी संक्षेप में लिखी होनी चाहिए। भाषा सरल, स्पष्ट व सूचना समय के अनुरुप होनी चाहिए।

पशु मालिक सलाहकार पत्र लेखन ( Animal owner advisory letter writing)

पशु मालिक सलाहकार पत्र लेखन  ( Animal owner advisory letter writing) सलाहकार पत्र के द्वारा पशुपालकों को पशुओं के बारे में उचित जानकारी समय-समय पर पहुँचाई जाती है। ऐसे पत्रों में पशुपालकों को नयी तकनीक या परेशानियों से बचाव के बारे में सलाह दी जाती है। ये पत्र फिल्ड में कार्यरत पशुपालकों को अधिकारियों द्वारा दिये जाते हैं। प्रसार कार्य से सम्बन्धित एजेंसी भी इन पत्रों का समय-समय पर इस्तेमाल करती है। उद्देश्य- पशुपालकों को नई तकनीक व जानकारी की सूचना देने के लिए। किसी विशेष समस्या के निराकरण के बारे में सलाह देने के लिए। समस्या से बचाव के बारे में जानकारी देने के लिए। प्रसार कार्यक्रमों में सहयोग के लिए । ध्यान रखने योग्य बातें- सलाहकार पत्र हमेशा किसी विशेष कार्य के लिए लिखा जाता है। ऐसे पत्र में सन्देश की रूपरेखा पर विशेष ध्यान दिया जाता है। ऐसे पत्र लिखते समय पशुपालकों की परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाता भाषा सरल व सहानुभूति पूर्ण होनी चाहिए। पत्र सदैव सामान्य भाषा में लिखना चाहिए । पत्र छोटा व सूचना पूर्ण होना चाहिए।

स्थानीय नेता के चयन की विधियां( Methods for selection of local leader)

स्थानीय नेता के चयन की विधियां  ( Methods for selection of local leader) नेता का चयन निम्न प्रकार किया जा सकता है- 1.निर्वाचन द्वारा - इस विधि में गांव वालों को पहले ही बतला दिया जाता है कि अमुक कार्य हेतु नेता का चयन करना है जिसकी योग्यता यह होनी चाहिए और जब एक से अधिक नाम आते हैं अथवा सबकी प्रत्यक्ष रूप से ही एक व्यक्ति के लिए राय नहीं होती है तो निश्चित समय तय करके निर्वाचन कर लिया जाता है। गुण- नेता चयन शीघ्र हो जाता है। दोश- यह आवश्यक नहीं कि इस प्रकार चुना गया व्यक्ति वास्तविक रूप से नेता ही हो, क्योंकि निर्वाचन अधिकतर जातिवाद, मौहल्लावाद आदि पर होता है। हारा हुआ समूह हमेशा हर काम पर विरोध करेगा, ठीक प्रकार से योजनाओं को चलने नहीं देंगे। धनाद्य (पैसे वाले) व्यक्ति चुनकर आने के बाद भी कार्य के प्रति समर्पित नहीं होते। 2.चयन द्वारा- इस विधि में अधिकारी समूह को कार्यक्रम की सम्पूर्ण जानकारी देता है तथा समूह से विचार विमर्श कर अच्छे व योग्य व्यक्ति का चयन करता है। गुण- कार्यकम की दृश्टि से अच्छे व्यक्ति का चुनाव हो जाता हैं। नेता का चुनाव शी...

नेता एंव नेतृत्व ( Leader and leadership)

नेता एंव नेतृत्व ( Leader and leadership) नेता की परिभाषा- नेता वह व्यक्ति है जो अपने वंशानुपात अथवा अर्जित गुणों व प्रभुत्व के द्वारा जन साधारण के अथवा एक समुदाय के विचारों को अपना लक्ष्य प्राप्ति हेतु प्रभावित कर सके तथा उनको नेतृत्व मार्ग दर्शन करे। कुछ वैज्ञानिकों ने नेता की परिभाषा निम्न प्रकार परिभाशित की है- स्प्रोट के अनुसार - "वह व्यक्ति जो अन्य व्यक्तियों के लिए आदर्श का काम करे नेता कहलाता है।" नेतृत्व- नेतृत्व एक कला है, क्रियाहै जिसके माध्यम में वह समूह का नेतृत्व करता है। विभिन्न वैज्ञानिकों ने इसे विभिन्न प्रकार परिभाषित किया हैं। हेमन के अनुसार- 'नेतृत्व वह क्रिया है जिसके अन्तर्गत कोई व्यक्ति दूसरों के विचार भावना व व्यवहार को प्रभावित करता हैं और दिशा प्रदान करता है या नियंत्रित करता है।" नेता के गुण - नेता जनतंत्र के नियमों को जानता हो। नेता दूसरों के अधिकारों को जानता हो तथा उनका आदर करता हो। नेता लोगों को पसन्द करता हो तथा उनके द्वारा पसन्द किया जाता हो। नेता कार्य करने की स्वयं जिम्मेदारी आसानी से लेता हो और उसे ...

बैठक/सभा का आयोजन (Meeting)

बैठक/सभा का आयोजन   (Meeting) पशुपालन व कृषि के सामान्य विचारों तकनीकी इत्यादि से लोगों को अवगत कराने के लिए एक निश्चित समय व स्थान पर बैठक का आयोजन किया जाता है इन बैठक में भविष्य की योजनाओं के लिए, ग्रामीण समुदाय की समस्याओं के समाधान के लिए प्रसार कार्यकर्ता एवं ग्रामीणो के मध्य चर्चा होती है। मुख्यतः यह बैठक जन कल्याण के कार्यक्रम प्रारम्भ करने के लिए एवं सामाजिक कार्य जैसे की मास टीकाकरण, चूहो की रोकथाम आदि कार्यकलापों में सहयोग प्राप्त करने के लिए आयोजित की जाती हैं। सभा आयोजन में ध्यान की बातें - सभा का अयोजन गाँवों के केन्द्रीय स्थान पर जहाँ लोंगो के बैठने की व्यवस्था हो सके  करनी चाहिए। सभा का दिन, समय, चर्चा का विषय आदि गाँव के लोगों की आवश्यकता एवं विचार से निर्धारित करना चाहिए। गाँव के सभी लोगो को आमंत्रित करना चाहिए, सभा की सूचना पूर्व में ही दे देनी चाहिए। सभा में शामिल सभी लोगो को विचार प्रकट करने के अवसर प्रदान करना चाहिए। बैठकों में स्थानीय नेता बुजुर्गो को शामिल कर सभी को धन्यवाद प्रदान चाहिए। बैठक में किए गए चर्चा के मुख्य बिन्दुओं एवं लिए...

अभियान (The campaign)

अभियान (The campaign) गहन शिक्षण कार्यक्रम के अन्तगर्त एक निश्चित समय में लोगों को प्रेरित करना अभियान विधि कहलाती हैं। मुख्यतः इसमें एकल समस्या पर ध्यान देकर आरभ किया जाता है एवं कुछ समय पश्चात समाप्त कर दिया जाता हैं। अभियानी में लोग भावनात्मक रूप से जुड़े होते है सिसे की अभियान के विषय में मनोवैज्ञानिक पर्यावरण का निर्माण हो सकें। उदाहरण- चूहों पर नियंत्रण, मछरों का उन्मूलन, रेबीज टीकाकरण, जल संरक्षण इत्यादि। अभियान के तीन चरण होते है जो कि निम्न प्रकार है- 1.नियोजन/व्यवस्थापन 2.क्रियान्वय/निष्पादन 3.प्रतिगमन 1.नियोजन-                   स्थानीय लोगों से समस्या व उनकी आवश्यकताओं को ज्ञात कर, स्थानीय संगठनों एवं विशेषज्ञों से विचार विमर्श करते हैं तत्पश्चात् सभी आवश्यक तकनीकी उपकरण/सेवा इत्यादी सुनिश्चित कर, अभियान की तिथि का चयन कर उसकी पूर्व घोषणा करते है जिससे लोगों में उत्साह जागे। 2.निष्पादन-                 स्थानीय नेताओं को आगे रखकर सतर्कता एवं सफलता के साथ कार्य करें अभियान की सम...

स्थानीय नेताओं की भागीदारी (Participation of local leaders)

स्थानीय नेताओं की भागीदारी   (Participation of local leaders) ग्रामीण समुदाय अपने स्थानीय अग्रसर किसानों, पशुपालकों एवं शिक्षित लोगों पर ज्यादा विश्वास करते है यदि प्रसार कार्यकर्ता इस प्रकार के स्थानीय उन्नतशील किसानों/पशुपालकों को लेकर प्रसार कार्य करता है तो ज्यादा सफल होते है। यह स्थानीय लोग संचार माध्यम का अच्छा काम करते हैं। इस तरह से प्रसार कार्यकर्ता का समय व धन की भी बचत होती है। इसके लिए निम्नलिखित क्रिया अपनाई जाती है- 1.स्थानीय नेता का पता लगाना। 2.सर्वश्रेष्ठ स्थानीय नेता का चयन। 3.स्थानीय नेताओं को सम्बधित विषय पर प्रशिक्षण देना। 4.सभी प्रसार कार्यों में इनकी राय लेना, इन्हें जिम्मेदारी का कार्य सौपना, बैठकों, भ्रमणों में सम्बोधित करना चाहिए। लाभ- 1.नवीन तकनीकों को स्पष्ट एवं सरल भाषा में ग्रामीणों का समझा देता है। जिससे प्रसार कार्यकर्ता का समय व धन की बचत होती है। 2.स्वयं सहायता की भावना जाग्रत होती है। हानियां- 1.वास्तविक रूप से कार्य करने वाले नेताओं की कमी। 2.आपसी ईष्ष्या मुसीबत पैदा करती है। 3.कई बार स्थानीय नेता अपनी प्रतिष्ठा का व्यक...

विधि प्रदर्शन(Method demonstration)

विधि प्रदर्शन  ( Method demonstration) यह विधि प्रसार के सिद्धांत "देखकर विश्वास करना तथा कार्य करके  सीखना" पर आधारित है जिसमें ग्रामीण लोगो को सभी इन्द्रियों का उपयोग होता है इसलिए सीखने की प्रक्रिया भी अधिकतम एवं प्रभावशाली होती है। इस विधि में कृशको एवं पशुपालको को पुरानी तकनीकों को बेहतर ढंग से सम्पन्न करने के तरीको को बताया जाता है एवं नवीन तकनीको को फार्म एरिया मं कैसे किया जाए यह बताया जाता है जैसे पशुओं के लिए प्रोटीन स्त्रोंत के रूप में आजोला की खेती कैसे की जाए। इस प्रक्रिया में प्रसार कार्यकर्ता पहले स्वयं पूर्ण प्रक्रिया सम्पन्न करके बताता है उसके बाद कृशक वही प्रक्रिया करता है जिससे की बह इसे अच्छी तरह सीख जाए। इस प्रकार विधि प्रदर्शन से लोगो को कार्यकुशलता सिखाई जाती हैं जिससे वह उसी काम को सरलता एवं शीघ्रता से कर सकें। अतः यह विधि नई तकनीकों को कुशलता के साथ प्रभावशाली रूप से स्थानान्तरीत करने में सहायक होती हैं। विधि प्रदर्शन में निम्न प्रकार की पद्धतियॉ दिखाई जा सकती हैं - 1.वर्मी कम्प्पोस्ट बनाना। 2.अजोला की खेती। 3.ब्रुडर तैयार करना। 4.चूहो की र...

पोस्टर(poster)

Image
पोस्टर(poster) पोस्टर बनाने के चरण- पोस्टर या विज्ञापन किसी कार्यकम, पद्धति या विचार के प्रति लोगों का ध्यानाकर्षण का चित्रित नारा है। यह कार्ड बोर्ड या कागत की एक सीट पर बनी है। जिस पर कुछ साधारण शब्दो के साथ कुछ चित्र बना होता है। लोग पोस्टर को दूर से देख सकते है। यदि उद्देश्य संबंधित कोई चिज लोगों को आकर्षित करती है तो वे उसे ठहर कर देखते है। यह व्यक्तियों का ध्यान आकर्षित कर, उन पर तथ्यों की छाप डालने के लिये संदेश पहुचाने तथा तुरन्त ही किया करने के प्रति प्रभावित करती है। इसका आकार 24"x36" उचित रहता है। पोस्टर की विशेषता- 1.लोगों का ध्यान आकर्षित कर उनकी अभिरूचि उत्पन्न करती है। 2.तुरन्त संदेश देती है। 3.यह लोगो की कार्य करने के लिये प्रेरित करती है। लाभ- 1.लोगो का ध्यान नये विचार पर केन्द्रित करना। 2.पूर्ण सूचना प्रदर्शित करना। 3.कम समय में बहुत लोगों तक सूचना पहुॅँचा देता है। 4.लोगों को कार्य करने के लिये प्रेरित करती है। पोस्टर के लक्षण 1.पोस्टर में 5 शब्द से ज्यादा नही होना चाहिए । 2.थोड़े शब्दों का उपयोग कर पूर्ण सूचना होनी चाहिए। 3.नये ...

प्रक्षेपण के द्वारा प्रदर्शित की जाने वाली दृष्य सामग्री(Visual content displayed by projection)

प्रक्षेपण के द्वारा प्रदर्शित की जाने वाली दृष्य सामग्री (Visual content displayed by projection) क्षेपण का तात्पर्या किसी भी पारदर्शी और अपारदर्शी सामग्री (चित्रो या छायाचित्रों) को प्रोजेक्टर के माध्यम से पर्दे दर्शको को दिखाना है। प्रक्षेपण प्रणाली मुख्य रूप से तीन प्रकार के है। 1.प्रत्यक्ष प्रक्षेपण (Direct Projection) 2.अप्रत्यक्ष प्रक्षेपण(Indirect Projection) 3.परिवर्तित प्रक्षेपण(Reflected Projection) 1.प्रत्यक्ष प्रक्षेपण (Direct Projection )-                                                 प्रत्यक्ष प्रक्षेपण में स्लाइड प्रोजेक्टर, फिल्म स्ट्रिप प्रोजेक्टर और फिल्म प्रोजेक्टर का प्रयोग किया जाता है। प्रत्यक्ष प्रक्षेपण के प्रोजेक्शन लैम्प से प्रकाश की किरणें निकलकर सीधी कन्डेसर लेन्स द्वारा slide Filme Strip or film के अभिदृश्यक लेन्स (objective Lens) से होती हुई पर्दे पर प्रतिबिम्ब बनाती हैं। इस प्रकार के प्रक्षेपण से प्रकाश इधर-उधर न फैलकर पूर...

श्रव्य-दृष्य सामग्री का चयन(Selection of audio-visual material)

श्रव्य-दृष्य सामग्री का चयन( Selection of audio-visual material)- श्रव्य-दृष्य प्रसाधनों का चुनाव- श्रव्य-दृष्य साधनों का उपयोग करने के लिये उचित और प्रभावकारी सामग्री का चयन करना चाहिए जिससे उद्देश्य की पूर्ति पूर्ण हो सकें | शिक्षा देने के लिये श्रव्य और दृष्य प्रसाधनों का चूनाव करते समय ध्यान देने योग्य बाते- 1.शिक्षण का उद्देश्य- शिक्षण सामग्री इस प्रकार हो जो लोगों को नपये ज्ञान प्रदान करें, उसकी कुशलता में वृद्धि लाये तथा विचारों में परिवर्तन करने में कारगार साबित हों। 2.विषय वस्तु की प्रकृति- विषय वस्तु जो लोगों को बताना है क्या सरल है या कठिन, कौन सी विधि से संदेश लोगों को देना है। विषय जिसके बारे में शिक्षादेनी है उसके बारे में क्या बतलाना है विषय वस्तु से सरलतापूर्वक स्पष्ट होना चाहिये । 3.लोगो की प्रकृति- किन लोगों को बताना है उनकी उम्र, शिक्षा, अभिरूचि, ज्ञान, मान्यतायें इत्यादि क्या है पर आधारित होना चाहिए लोगों को उनकी आवश्यकता तथा व्यवसाय से सम्बन्धित शिक्षण साधन चुनें जैसे चलचित्र, प्रदर्शन फ्लेशकार्ड आदि। 4.शिक्षणार्थी का समूह- 20-25 के समूह में ह...