बैठक/सभा का आयोजन (Meeting)

बैठक/सभा का आयोजन  (Meeting)

पशुपालन व कृषि के सामान्य विचारों तकनीकी इत्यादि से लोगों को अवगत कराने के लिए एक निश्चित समय व स्थान पर बैठक का आयोजन किया जाता है इन बैठक में भविष्य की योजनाओं के लिए, ग्रामीण समुदाय की समस्याओं के समाधान के लिए प्रसार कार्यकर्ता एवं ग्रामीणो के मध्य चर्चा होती है। मुख्यतः यह बैठक जन कल्याण के कार्यक्रम प्रारम्भ करने के लिए एवं सामाजिक कार्य जैसे की मास टीकाकरण, चूहो की रोकथाम आदि कार्यकलापों में सहयोग प्राप्त करने के लिए आयोजित की जाती हैं।


सभा आयोजन में ध्यान की बातें -


  • सभा का अयोजन गाँवों के केन्द्रीय स्थान पर जहाँ लोंगो के बैठने की व्यवस्था हो सके  करनी चाहिए।
  • सभा का दिन, समय, चर्चा का विषय आदि गाँव के लोगों की आवश्यकता एवं विचार से निर्धारित करना चाहिए।
  • गाँव के सभी लोगो को आमंत्रित करना चाहिए, सभा की सूचना पूर्व में ही दे देनी चाहिए।
  • सभा में शामिल सभी लोगो को विचार प्रकट करने के अवसर प्रदान करना चाहिए।
  • बैठकों में स्थानीय नेता बुजुर्गो को शामिल कर सभी को धन्यवाद प्रदान चाहिए।
  • बैठक में किए गए चर्चा के मुख्य बिन्दुओं एवं लिए गए निर्णयों की सूचना सभी को देनी चाहिए।


लाभ-


  • सूचनाऐंँ ज्यादा लोगों में पहुँच जाती हैं।
  • लोगो की प्रतिक्रिया प्राप्त हो जाती हैं।
  • विचारों का आदान प्रदान हो जाता है।
  • सामूहिक निर्णय लिया जाता है इसलिए परिणाम भी अच्छे प्राप्त होते हैं।


हानियां-


  • स्थान का चूनाव एवं सूविधाओं की उपलब्धता आसानी से नही मिल पाती।
  • विभिन्न प्रकार के लोग एवं अभिरूचि के कारण कार्य पूरी तरह सम्पन्न नहीं हो पाता।
  • मौसम की खराबी के कारण बैठकें कई बार रद्द करनी पड़ सकती हैं|


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