श्रव्य-दृष्य सामग्री का चयन(Selection of audio-visual material)
श्रव्य-दृष्य सामग्री का चयन(Selection of audio-visual material)-
श्रव्य-दृष्य प्रसाधनों का चुनाव-
श्रव्य-दृष्य साधनों का उपयोग करने के लिये उचित और प्रभावकारी सामग्री का चयन करना चाहिए जिससे उद्देश्य की पूर्ति पूर्ण हो सकें | शिक्षा देने के लिये श्रव्य और दृष्य प्रसाधनों का चूनाव करते समय ध्यान देने योग्य बाते-1.शिक्षण का उद्देश्य-
शिक्षण सामग्री इस प्रकार हो जो लोगों को नपये ज्ञान प्रदान करें, उसकी कुशलता में वृद्धि लाये तथा विचारों में परिवर्तन करने में कारगार साबित हों।
2.विषय वस्तु की प्रकृति-
विषय वस्तु जो लोगों को बताना है क्या सरल है या कठिन, कौन सी विधि से संदेश लोगों को देना है। विषय जिसके बारे में शिक्षादेनी है उसके बारे में क्या बतलाना है विषय वस्तु से सरलतापूर्वक स्पष्ट होना चाहिये ।
3.लोगो की प्रकृति-
किन लोगों को बताना है उनकी उम्र, शिक्षा, अभिरूचि, ज्ञान, मान्यतायें
इत्यादि क्या है पर आधारित होना चाहिए लोगों को उनकी आवश्यकता तथा व्यवसाय से सम्बन्धित शिक्षण साधन चुनें जैसे चलचित्र, प्रदर्शन फ्लेशकार्ड आदि।
4.शिक्षणार्थी का समूह-
20-25 के समूह में है तो प्रदर्शन, भ्रमण आदि। अधिक लोग है तो रेडियो चलचित्र प्रदर्शनी आकद का उपयोग करना चाहिए।
5.शिक्षण सामग्री की उपलब्धता-
ऐसी सामग्री का उपयोग करना चाहिए जो आसानी से प्राप्त हो सकें। इसके लिए पोस्टर, चित्र आसानी से प्राप्त हो जाते हैं।
6.सामग्री के उपयोग की दक्षता-
जो भी शिक्षण सामग्री चुनी जाये उसके उचित उपयोग की दक्षता कार्यकर्ता में होना चाहिये। इससे वह सरलता से इसका उपयोग कर सकेगा।
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