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राजस्थान के प्रमुख सगुण संत व संप्रदाय

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राजस्थान के प्रमुख सगुण संत व संप्रदाय 1. मीराबाई  2. गवरी बाई  3.राना बाई 4.कर्मा बाई 5.सम्मान बाई 6.भक्त कवि दुर्लभ 1.मीरा बाई   उपनाम = राजस्थान की राधा / दूसरी रुकमणी  जन्म 1498 कुड़की गांव (पाली) में हुआ। बचपन के नाम= पेमल/कसबू बाई /कुंतल देवी  माता =वीर कुवरी  पिता= रतन सिंह  दादा =राव दुहा दादी =लाखा कंवर पति =भोजराज चचेरे भाई =जयमल या वीरमदेव  भतीजा =वीर कल्ला जी राठौड़  विवाह= चित्तौड़गढ़ दुर्ग  लालन-पालन= मेड़ता नागौर  गुरु =चंपा जी बचपन के गुरु         पंडित गजाधर धार्मिक गुरु        रैदास जी आध्यात्मिक गुरु > मीराबाई के जन्म के उपरांत ही माता वीर कुंवरी का देहांत हो गया तत्पश्चात     मीराबाई को पिता रतन सिंह मेड़ता ले आए। >मीराबाई का लालन-पालन दादा राव जोधा के सानिध्य में मेड़ता में हुआ। >मीराबाई ने बचपन में एक बारात को देख  कर भगवान कृष्ण की मूर्ति को अपना पति मान लिया था। >मीराबाई के प्रारंभिक जीवन पर निंबार्क संप्रदाय के साधुओं का...

राजस्थान के प्रमुख धार्मिक आंदोलन अथवा संत एवं संप्रदाय

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भक्ति के तीन मार्ग होते हैं- 1.सगुण भक्ति परंपरा   2.निर्गुण भक्ति परंपरा 3.मिश्रित भक्ति परंपरा 1.सगुण भक्ति परंपरा भक्ति का वह मार्ग जिसमें गुणों या साधनों को महत्व देकर ईश्वर की साकार उपासना की जाती है सगुण भक्ति परंपरा कहलाती है। जैसे मूर्ति, माला, भजन, नृत्य, संगीत आदि को अपनाना। सगुण भक्ति परंपरा के प्रमुख संत 6 है  1.मीरा बाई  2.गवरी बाई  3.राना बाई  4.कर्मा बाई 5.सम्मान बाई 6.भक्त कवि दुर्लभ है 2.निर्गुण भक्ति परंपरा भक्ति का वह मार्ग जिसमें गुणों या साधनों को महत्व न देकर ईश्वर की निराकार उपासना की जाती है निर्गुण भक्ति परंपरा कहलाती है। निर्गुण भक्ति परंपरा के प्रमुख संत- जंभोजी जसनाथ जी दादू दयाल जी रज्जब दास जी  सुंदर दास जी राम चरण जी प्राण दास जी  लाल गिरी जी  लाल दास जी  कृपाराम जी  माधव दास जी  संत रामदास जी  हरिराम दास जी आदि.. 3.मिश्रित भक्ति परंपरा भक्ति का भाव मार्ग जिसमें समय की परिस्थिति के अनुरूप सगुण भक्ति परंपरा या निर्गुण भक्ति परंपरा को अपनाना मिश्रित भक्ति परंपरा कहलाता ह...