पशु चिकित्सालय में संधारण होने वाली पत्रावली ( Papers to be maintained in Veterinary Hospital)

पशु चिकित्सालय में संधारण होने वाली पत्रावली (Papers to be maintained in Veterinary Hospital)

किसी भी संस्था की गतिविधियो को सुचारू रूप से चलाने हेतु तथा उन पर खर्च राशि का लेखा जोखा रखने हेतु कुछ पंजिकाओ एवं फाईलो का संधारण करना आवश्यक होता है । ताकी संस्थानो में कार्यरत कर्मचारीयो के कार्य का अवलोकन / मुल्यांकन हो सके।

वे सभी पजिकायें निम्न होती है :-

1.आउटडोर पंजिका/ बाह्य रोगी पंजिका (outdoor register)
2.आन्तरण रोगी पंजिका / इनडोर पंजिका (Indoor register)
3.उपस्थिति पंजिका (Attendence register)
4.पत्र आवक पंजिका (receipt letter register)
5.पत्र जावक पंजिका (Despech register)
6.कृत्रिम गर्भाधान पंजिका (Artificial Insemination register)
7.टीकारण पंजिका (Vaccination register)
8.बधियाकरण पंजिका (Castration register)
9.चारा विकास कार्यक्रम पंजिका (Fodder development register)
10.रोकड़ बही (Cash Book )
11भण्डार पंजिका (Leave register)
(अ) स्थाई भण्डार पंजिका (Dead stock\permanent stock  register)
(ब) अस्थाई भण्डार पंजिका (consuble stock register)
(स) स्टेशनरी भण्डार पंजिका ( stationary register)
12.अवकाश पंजिका (Leave register)
13.प्रगतिशील पशु पालक पंजिका (progressive former's register)
14.सर्विस पोस्टेज स्टाम्प पंजिका (service postage stamp register)
15वीर्य प्राप्ति पंजिका (semen register)
16.तरल नाईट्रोजन पंजिका (LN2 register) आदि।


1.बाह्य रोगी पंजिका (outdoor register)-


यह वह पंजिका है जिसमें बिमार पशु जब चिकित्सालय में आता है तो उस पशु का विवरण, पशु मलिक का नाम, रोग का नाम तथा उपचार से संबधित जानकारी का इन्द्राज किया जाता है।
यह पंजिका संस्था में कार्यरत वरिष्टतम अधिकारी अर्थात प्रभारी द्वारा भरी जाती है प्रभारी का तात्पर्य है पशु चिकित्सालय में चिकित्सक, (s.v.o.\v.o.), पशु औषद्यालय में पशु चिकित्सा सहायक ( v.a) तथा उपकेन्द्र पर साधारणतया पशु धन सहायक (L.S.A.) द्वारा बाह्य रोगी पंजिका भरी जाती है।

2.आन्तरण रोगी पंजिका (Indoor register)-


यह पंजिका है जिसके अन्दर जो रोगी पशु उपचार संस्था में भर्ती किया जाता है उसका सम्पूर्ण विवरण का इन्द्राज किया जाता है।

3.उपस्थिति पंजिका (Attendence Register)-


यह वह पंजिका है जिसमें चिकित्सालय में कार्यरत अधिकारी ज्योही चिकित्सालय में निर्धारित समय पर आता हे त्यो ही सबसे पहले अपने हस्ताक्षर कर अपनी उपस्थिति दर्ज करता है। यह पंजिका प्रभारी के पास रहती है। निरिक्षण के दौरान कर्मचारी उपस्थित होते हुए भी यदि पंजिका में हस्ताक्षर नहीं किये हुए पाये जाते है तो उसे अनुपस्थित माना जाता है।

4.पत्र आवक पंजिका (Letter Receipt Register)-

यह वह पंजिका है जिसमे संस्था में जितने भी पत्र आते है उन सबका विवरण इन्द्राज किया जाता है। पत्र चाहे सरकारी कार्यालय , गैर सरकारी, पंचायत किसी व्यक्ति विशेष द्वारा आदि आया हो अथवा दिया गया हो।

5.पत्र जावक पंजिका (Despech Register)-

यह वह पंजिका है जिसमें संस्था से जितने पत्र अन्य संस्थाओं/ व्यक्तियों को जाते है उनका विवरण इन्द्राज होता है।

6.कृत्रिम गर्भाधान पंजिका ( Artificial Insemination Regisrer)-

यह वह पंजिका है जिसमें पशु चिकित्सा संस्था में अथवा 8 किमी. की परीधी में, विभिन्न पशुओं जैसे- गाय, भैस, भेड व बकरी आदि में किये गये कृत्रिम गर्भाधान का सम्पूर्ण ब्यौरा निर्धारित प्रपत्र में दर्ज किया जाता है। कृत्रिम गर्भाधान कार्य हेतु पशु मालिक से राज्य सरकार निर्धारित फिस ली जाती है जो वर्तमान में 10/- प्रति पशु प्रत्येक गर्भाधान समय पर यह पंजिका, मासिक प्रगति प्रतिवेदन, अर्ध वार्षिक व वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन में भरने के काम आती है तथा इस पर राज्य सरकार की प्रजनन नीति भी आधारित होती है।

7. टीकाकरण पंजिका (Vaccination register)-

इस पंजिका में संस्था के 8 किमी. के क्षेत्र में आने वाले गांवों में तथा क्षेत्र में रोग फैल जाने की स्थिती जिसे आउट ब्रेक कहते हैं, के समय, विभाग के निर्देशानुसार मय अनुदानित शुल्क राशी के साथ पशुओं के लगाये गये टीकों का लेखा-जोखा रखा जाता है। सभी टीकों की वेक्सीन का रेकार्ड अलग-अलग पृष्ठ पर रखा जाता है।

8.बधियाकरण पंजिका (castration register)-

यह वह पंजिका है जिसमें संस्था के 8किमी. क्षेत्र में आने वालें गाँवों में पशु पालको के तथा आवारा नर पशु, जो प्रजनन के काम में नही आते है ऐसे पशुओं को नस्ल सुधार कार्यक्रम के अन्तर्गत बधिया करके, उनका इन्द्राज इसी पंजिका में किया जाता है। इस बधियाकरण के कार्यक्रम को अपनाने से क्षेत्र में नस्ल बिगडती नहीं है तथा नर भेड व नर बकरों को उत्सव जैसे-ईद आदि हेतु तैयार किया जाता है।

9.चारा विकास पंजिका (Fodder development Register)-

                                     
पशु पालन विभाग द्वारा समय-समय उन संस्थाओं/पशुपालकों के पास खेती के बाद अतिरिक्त भूमि है ,सिंचाई का साधन है तथा मुख्यरुप में प्रतिशील पशुपालक है उनको निःशुल्क पशुओं हेतु चारा का उत्पादन करने के लिए हरे चारे  बीज विभाग द्वारा निःशुल्क दिया जाता है तथा उनका लेखा-जोखा मय उत्पादन के रखे जाने वाली पंजिका को चारा विकास पंजिका कहते हैं।

10.रोकड बही (Cash Book)-


चिकित्सा संस्था में सरकार से जैसे वेतन, यात्राभता कार्यालय व्यय आदि की प्राप्त राशी अथवा कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण आदि से नियमानुसार पशुपालकों से प्राप्त धन राशी का तथा संस्था द्वारा भुगतान की गई राशी का इस पंजिका में इन्द्राज किया जाता है। इस पंजिका में जब राशी प्राप्त होती है चाहे
बैंक से अथवा अन्य स्त्रेत से तथा जब भी भुगतान किया जाता है, उसी दिन खर्चा/आमद किया जाता है, अन्यथा वह गबन की परिभाषा में आ जाता हैं।

11.भण्डार पंजिका (leave register)-

(A)   स्थायी भण्डार पंजिका (Dead stock register)-

  • इसे डेड स्टोक रजिस्टर अथवा नोन कन्जूयेबल भण्डार पंजिका भी कहते है।
  • इस पजिका में उन वस्तुओं का इन्द्राज किया जाता है जो उपयोग के बाद भी समाप्त नहीं होती अर्थात संख्या में संस्था के रेकार्ड में विद्यमान रहती है।
  •  इन वस्तुओं की भौतिक सत्यापन वर्ष में एक बार किया जाता है तथा सत्यापन के दौरान जब वस्तु कम पाई जाती है तो भण्डारपाल से इसकी राशी वसूल का जाती है व विभागीय कार्यवाही की जाती है तथा अधिक होती है तो उसका इन्द्रा कर दिया जाता है।
  •  इस पजिका में प्रत्येक वस्तु / उपकरण का इन्द्राज अलग अलग पेज पर होगा चाहे ये वस्तुएँ उच्च अधिकारी द्वारा एक समय में एक ही बाउचर से दी हों।
  •  इस पंजिका में चिकित्सालय में मुख्य रुप से निम्न वस्तुओं का इन्द्राज होता है :
  • टेबल,कुर्सी,आलमारी,परदें,फ्रीज,कम्प्युटर,शल्य चिकित्सा अथवा चिकित्सा संबंधी औजार,LN2 जार,AIGun, पॅखे,गमबूट, अरगड़ा, इरीगेटर ,औषधियाँ रखने के उपकरण जैसे गलीपोटी, कॉँच की बडी बोतलें जिनमें मिश्रण बनाते हैं।,रेक्स,स्टूल -लकडी / स्टील, बेन्द, बधियाकर यंत्र,बाल्टी आदि।


(B)अस्थाई भण्डार पंजिका --
                                       
इसे कम्जूयेबल भण्डार पंजिका भी कहते हैं। चिकित्सा कर्मचारी कभी इसे औषधी रजिस्टर भी कहते हैं। इस पंजिका में उन वस्तुओं का इन्द्राज किया जाता है जो वस्तुएं चिकित्सा के दौरान खर्च हो जाती है। 
जैसे- औषधिया, रुई, पट्टी, A.I. Sieath, Disposable Syring धागे, साबुन, आदि।

(C)स्टेशनरी भण्डार पंजिका -
इस पजिका में मुख्यरुप से उन वस्तुओं का इन्द्राज किया जाता है जो स्टेशनरी की दुकान से खरीदी जाती है जैसे- कगज, लिफाफे, कार्बन, पेपर, पेन्सील, पेन, आलपीन, पेपर वेट, कलम दान आदि।

12.अवकाश पंजिका (Leave Register) -

यह एक वह पंजिका जिसमें प्रत्येक कर्मचारी का प्रत्येक वर्ष पर अलग अलग पेज पर आकस्मिक अवकाश का लेखा जोखा रखा जाता है। एक कलेक्टर वर्ष (जनवरी से दिसम्बर) में प्रत्येक कर्मचारी /अधिकारी को 15 दिन का आकस्मिक अवकाश मिलता है।
यदि कर्मचारी एक कलेक्टर वर्ष (जनवरी से दिसम्बर) में 15 दिन के अवकाश का उपभोग नही करता है तो शेष अवकाश अगले वर्ष में स्थानान्तरित नहीं होता है अर्थात अवकाश शेष (Balance) में होते हुए भी 31 दिसम्बर को शून्य हो जाएगा।

13.प्रगतिशील पशुपालक पंजिका-

 इस पंजिका मे उन पशुपालको का नाम पता तथा पशुओं की संख्या, उत्पादन आदि का सम्पूर्ण ब्यौरा रखा जाता है जो प्रगतिशील पशुपालक की परिभाषा में आता हैं।
 जैसे वह पशुपालक :

  • उन्नत नस्ल के कम से कम पाँच बडे पशु रखता है।
  • क्षेत्र का प्रभावशाली पशु पालक हो। उसका गाँव वाले कहना मानते हो, वह स्वयं विभागीय योजनाओं को अपनाता हो।
  • जिसके कहने से सामान्य पशुपालक उसका अनुकरण करते हो।
  • विभागीय पशु पालक गोष्ठ, सेमिनार, प्रतियोगिताओं आदि में भाग लेता आदि।


14.सर्विस पोस्टेज पंजिका (Service postage Register) -

 
संस्था द्वारा जब भी कोई पत्र किसी भी कार्यालय/व्यक्ति को राजकीय हित मे भेजा जाता है तो उसका लिफाफे पर शासकीय टिकट (सर्विस पोस्टेज स्टाम्प) लगाया जाता हैं। इस पंजिका में कोष कार्यालय से प्राप्त टिकट विवरण, कितने राशि के यह टिकट किस नम्बर के पत्र के लिफाफे के उपर लगें, वह पत्र किसको भेजा तथा इन स्टाम्प के लग जाने के बाद अब शेष कितने स्टाम्प बचे है आदि का वर्णन होता है।

15.वीर्य प्राप्ति पंजिका (Semen receipt register)-


आप जिस संस्था में कार्यरत है उसमें यदि कृत्रिम गर्भाधान का कार्य होता है तो आपकी संस्था को विभिन्न नस्लों के साण्डों का वीर्य प्राप्त होता है उसका सम्पूर्ण ब्यूरो इस पंजिका में होता है। प्रत्येक सांड के वीर्य का हिसाब इस पजिंका के अलग अलग पृष्ठों पर रखा जाता है।

16.तरल नाईट्रोजन पंजिका (Liquid Nitrogen Register)-



संस्था में वीर्य रखने के लिए प्राप्त LN2 का तथा LN2 का वी्ये भण्डारण के दौरान वाष्पीकरण हुआ आदि का लेखा जोखा इस पंजिका में रखा जाता है।







                            

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