प्रक्षेपण के द्वारा प्रदर्शित की जाने वाली दृष्य सामग्री(Visual content displayed by projection)
प्रक्षेपण के द्वारा प्रदर्शित की जाने वाली दृष्य सामग्री (Visual content displayed by projection)
क्षेपण का तात्पर्या किसी भी पारदर्शी और अपारदर्शी सामग्री (चित्रो या छायाचित्रों) को प्रोजेक्टर के माध्यम से पर्दे दर्शको को दिखाना है।
प्रक्षेपण प्रणाली मुख्य रूप से तीन प्रकार के है।1.प्रत्यक्ष प्रक्षेपण (Direct Projection)
2.अप्रत्यक्ष प्रक्षेपण(Indirect Projection)
3.परिवर्तित प्रक्षेपण(Reflected Projection)
1.प्रत्यक्ष प्रक्षेपण (Direct Projection )-
प्रत्यक्ष प्रक्षेपण में स्लाइड प्रोजेक्टर, फिल्म स्ट्रिप प्रोजेक्टर और फिल्म प्रोजेक्टर का प्रयोग किया जाता है।
प्रत्यक्ष प्रक्षेपण के प्रोजेक्शन लैम्प से प्रकाश की किरणें निकलकर सीधी कन्डेसर लेन्स द्वारा slide Filme Strip or film के अभिदृश्यक लेन्स (objective Lens) से होती हुई पर्दे पर प्रतिबिम्ब बनाती हैं। इस प्रकार के प्रक्षेपण से प्रकाश इधर-उधर न फैलकर पूरा का पूरा प्रतिबिम्ब बनाने में जाता हैं।
2.अप्रत्यक्ष प्रक्षेपण (ndirect Projection)-
अप्रत्यक्ष प्रक्षेपण में प्रोजेक्शन सीधा न होकर पहले लेम्प से प्रकाश की किरण निकलकर कण्डेन्सर लेन्स ईकाई की एक एलीमेन्ट में प्रवेश करती है। और इस कन्डेन्सर यूनिट के किसी अक्ष के साथ 45° के कोण पर रखे गये समतल दपर्ण द्वारा परावर्तित होती है । इसके बाद परावर्तित किरणें कन्डेन्सर लेन्स में प्रवेश करती है और पर्द की वस्तु का पूर्ण प्रतिबिम्ब बनाने के लिय अभिदृश्यक लेन्स के अक्ष के साथ 45° के कोण पर रखे गये दूसरे समतल दपर्ण द्वारा पुनः परावर्तित होती है है। इस प्रकार से प्राप्त प्रकाश की किरणें प्रत्यक्ष न पहुँचकर अप्रत्यक्ष विधि से पहॅँचती है, इसलिये इस विधि को अप्रत्यक्ष प्रोजेक्शन कहते है। इस प्रकार के प्रकाश का ह्रास प्रत्यक्ष प्रक्षेपण की तुलना में बहुत ज्यादा होता है। शिरोपरी प्रोजेक्टर पर अप्रत्यक्ष प्रक्षेपण की क्रिया सम्पन्न होती है।
3.परावर्तित प्रक्षेपण (Reflected Projection ) -
अपारदर्शी प्रोजेक्टर परावर्तित प्रक्षेपण प्रणाली पर बने हुए है परावर्तित प्रक्षेपण प्रणाली में लैम्प से अप्रत्यक्ष रूप से आने वाला प्रकाश एक कोण पर रखे चित्र एवं दर्पण से टकराता है। परिणामस्वरूप वस्तु का प्रतिबिम्ब वस्तु के अक्ष के साथ 45° के कोण पर संलग्न एक बडे दर्पण पर पवरावर्तित होता है । प्राजेक्शन लैम्प से प्रकाश की किरणें निकलकर अभिदृश्यक लेन्स से होकर गुजरती है। और वस्तु का परावर्तित प्रतिबिम्ब बनता है और बाद में पर्दे पर अवर्धित प्रतिबिम्ब बन जाता है।
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