अभियान (The campaign)

अभियान (The campaign)

गहन शिक्षण कार्यक्रम के अन्तगर्त एक निश्चित समय में लोगों को प्रेरित करना अभियान विधि कहलाती हैं। मुख्यतः इसमें एकल समस्या पर ध्यान देकर आरभ किया जाता है एवं कुछ समय पश्चात समाप्त कर दिया जाता हैं। अभियानी में लोग भावनात्मक रूप से जुड़े होते है सिसे की अभियान के विषय में मनोवैज्ञानिक पर्यावरण का निर्माण हो सकें। उदाहरण- चूहों पर नियंत्रण, मछरों का उन्मूलन, रेबीज टीकाकरण, जल संरक्षण इत्यादि।

अभियान के तीन चरण होते है जो कि निम्न प्रकार है-

1.नियोजन/व्यवस्थापन
2.क्रियान्वय/निष्पादन
3.प्रतिगमन

1.नियोजन-
                  स्थानीय लोगों से समस्या व उनकी आवश्यकताओं को ज्ञात कर, स्थानीय संगठनों एवं विशेषज्ञों से विचार विमर्श करते हैं तत्पश्चात् सभी आवश्यक तकनीकी उपकरण/सेवा इत्यादी सुनिश्चित कर, अभियान की तिथि का चयन कर उसकी पूर्व घोषणा करते है जिससे लोगों में उत्साह जागे।

2.निष्पादन-
                स्थानीय नेताओं को आगे रखकर सतर्कता एवं सफलता के साथ कार्य करें अभियान की समाप्ति के बाद कुछ लिखित पत्र भी बांटने चाहिए।

3.प्रतिगमन-
                 लोगों से मिलकर अभियान के बारे में, उसके परिणामों के बारे में जानकारी लेते है एवं सफलता और असफलता के कारणों का विश्लेषण करते हैं। सभी को अभियान के सफल होने पर धन्यवाद प्रदान करना चाहिए।

लाभ-

1.अधिक लोगों को उन्नत विधि का पता चलता है।
2.कम समय में अधिक कार्य हो जाता है।
3.समुदाय का विश्वास प्राप्त होता है।

हानियाँ-

1.सभी को सहयोग प्राप्त हो यह आवश्यक नही है।
2.जटिल तथा वैज्ञानिक क्रियाओं को समझाया नही जा सकता।
3.प्रचार तथा विकास खण्ड के सधन सहयोग की आवश्यकता होती है।

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