स्थानीय नेता के चयन की विधियां( Methods for selection of local leader)

स्थानीय नेता के चयन की विधियां  (Methods for selection of local leader)

नेता का चयन निम्न प्रकार किया जा सकता है-


1.निर्वाचन द्वारा -

इस विधि में गांव वालों को पहले ही बतला दिया जाता है कि अमुक कार्य हेतु नेता का चयन करना है जिसकी योग्यता यह होनी चाहिए और जब एक से अधिक नाम आते हैं अथवा सबकी प्रत्यक्ष रूप से ही एक व्यक्ति के लिए राय नहीं होती है तो निश्चित समय तय करके निर्वाचन कर लिया जाता है।

गुण-



  • नेता चयन शीघ्र हो जाता है।


दोश-


  • यह आवश्यक नहीं कि इस प्रकार चुना गया व्यक्ति वास्तविक रूप से नेता ही हो, क्योंकि निर्वाचन अधिकतर जातिवाद, मौहल्लावाद आदि पर होता है।
  • हारा हुआ समूह हमेशा हर काम पर विरोध करेगा, ठीक प्रकार से योजनाओं को चलने नहीं देंगे।
  • धनाद्य (पैसे वाले) व्यक्ति चुनकर आने के बाद भी कार्य के प्रति समर्पित नहीं होते।


2.चयन द्वारा-


इस विधि में अधिकारी समूह को कार्यक्रम की सम्पूर्ण जानकारी देता है तथा समूह से विचार विमर्श कर अच्छे व योग्य व्यक्ति का चयन करता है।

गुण-


  • कार्यकम की दृश्टि से अच्छे व्यक्ति का चुनाव हो जाता हैं।
  • नेता का चुनाव शीघ्र होता है।


दोश-


  • चयन अधिकारी पक्षपात कर सकता है इससे वास्तविक नेता का पता नहीं चलता।
  • ऐसे व्यक्ति का चुनाव किसी दबाव से हो सकता है जिसे जनता नहीं
  • चाहती।


3.नामकरण द्वारा-


इस विधि में उच्च अधिकारी मनुष्य के अनुभव व कार्य को ध्यान में रखते हुए जिसे अच्छा समझते हैं नामजद कर देते है।

गुण-


  • नेता का चयन शीघ्र होता है।
  • गांव वालों में द्वेशता / झगड़ा नहीं होता है।


दोश-


  • अधिकारी उन्हें ही नामजद करते हैं जिसकी ऊपर तक पहुंच हो अथवा उससे उनको लाभ प्राप्ति हो।
  • ऐसा नेता नामजद हो सकता है जिसको जनता नेता के रूप में स्वीकार नहीं करती हो।


4.समाजिक मापन विधि द्वारा -


इस विधि में बिना पूर्व सूचना के गांव में जाकर गांव के व्यक्तियों से अलग-अलग यह पूछना चाहिए कि अमुक कार्य करने के लिए कौनसा व्यक्ति ठीक रहेगा। प्रत्येक व्यक्ति प्रस्तावित नेता का नाम लिखकर दे देगा, जिस व्यक्ति का नाम सर्वाधिक व्यक्तियों ने लिखकर दिया हों, उसे नेता घोषित कर दिया जाता है।

गुण-


  • वास्तविक नेता का पता चल जाता है।
  • अधिकारी नेता के चुनाव में बाधक नहीं होता।
  • आपस मं संघर्श नहीं होता हैं क्योंकि इसमें पता नहीं चलता किसने नाम प्रस्तावित किया है।


दोश -


  • समय अधिक लगता है।
  • कभी-कभी इस विधि से ऐसा नेता का चयन हो जाता है जो उतरदायित्व लेने को ही तैयार नहीं होता।


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