सांड रजिस्ट्रेशन (Bull registration)
सांड रजिस्ट्रेशन (Bull registration)
सांड किसी भी हर्ड का पचास प्रतिशत होता है यह एक प्रजनन (Breeding) का सिद्धान्त है। जिस हर्ड (फार्म) पर गाँव मे उन्नत किस्म का सांड होता है उस क्षेत्र में निश्चित रूप से अच्छी नस्ल के पशु पैदा होंगे तथा वहा का उत्पादन आवश्यक रूप से बढेंगा, इसी आशय को लेकर पशुपालन विभाग ने सांड का रजिस्ट्रेशन का कार्यक्रम लागू किया गया है।
इस कार्याक्रम के अन्तर्गत सभी चिकित्सालय के प्रभारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने कार्य क्षैत्र में जिन पशुपालको के पास उन्नत नस्ल के सान्ड है उनका पंजियन करें, सांडो का चयन मुख्य रूप से व्यक्तिगत (Individual) बाह्य (Phenotype) के लक्षणो पर करे और यदि उनकी फेमेली का, प्रोजेनी का रेकार्ड हो तो उसका विशेष ध्यान रखें।
इस रिकार्ड में पशु पालक का नाम, सांड का किस्म, जन्म दिवस, उम्र, परिवार/प्रोजेनी का रिकार्ड हो तो उसका इन्द्राज आदि का वर्णन लिखा जाता हे।
लाभ-
- यदि किसी भी योजना के अन्तर्गत सांड क्रय करना हो तो सांड रजिस्ट्रेशन अभिलेख के माध्यम से आराम से क्रय किया जा सकता है तथा पशुपालक को घर बेठे पशु का अच्छा मूल्य मिल सकता है।
- नर पशु के प्रजनन से कोई अवान्छनिय लक्षण उसकी सन्तानों में तो नही देखे जा रहे है यदि है तो उसे बध्या कर दे ताकि नर सांड प्रजनन योग्य नही रहे तथा नस्ल नही बिगडे।
- नर पशु 3 वर्ष बाद अन्य जगह स्थानांतरित किया जा सके जिसमें अन्तः प्रजनन (Inberading) नही हो।
- क्षेत्र का उत्पादन बढ़ सके आदि ।
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